February 19, 2014

तारीखें !!



Photo Courtesy - Google

पुराने साल का कैलेंडर निकाल
नये के पीछे टांग लिया,
इस तरह उलझी ज़िन्दगी से
थोड़ा और वक़्त उधार लिया ।
नये कैलेंडर में
फिर समा गए
प्यार भरा आगाज़ तकते
कई टूटे बिखरे रिशते,
कुछ जलमग्न नैन पंखुड़ियाँ
और कुछ गिले शिकवे ।

नये कैलेंडर में
जड़ दी गयीं फिर कुछ तारीखें
इसका जन्मदिन उसकी सालगिरह,
डॉक्टर अपॉइटंमेंट एक कोर्ट ज़िरह |

नये कैलेंडर में
छेड़े गए फिर छुट्टियों भरे सुरीले तार
होली दिपावली जैसे,
निरंतर अपना महत्व खोते
कई खुशरंग त्योहार ।

तभी कुछ तारीखें
यादों के दायरे तोड़ झलक पड़ी आंखों से
और चढ़ा गई लबों पर...
खामोशी भरी मखमली शॉल ।
वो इक
भीगा हुआ दिन तुझ संग मसरुफियत का,
वो इक
भीगी हुइ शाम तुझसे अज़नबियत की !!   



- Ankita Chauhan